Skip to main content

मुकद्दर बदल जाती है

मुकद्दर बदल जाती है लगातार संघर्ष करने से किस्मत चमक जाती है हौसलों से हर मंजिल हासिल करने में सफलता मिली है

Shayari sangrah Gorakhpur

अपनी मुकद्दर बदल जाएगी थोड़े फासले हैं जो धीरे-धीरे कम हो जाएंगे


उस बेवफा ने मेरी जिंदगी का ऐसा हसल कर दिया आंखों से आंसू लहू बनकर बहते हैं

Shayari sangrah Gorakhpur

Comments

Popular posts from this blog

तुम्हारी छुअन से मन की ख्वाहिशों का जोश दोगुना हो गया है

तुम्हारी छुअन से मन की ख्वाहिशों का जोश दोगुना हो गया है हम इंतजार में हैं तुम इशारा करो और हम अपनी जिंदगी तुम्हारे नाम लिख दे जो उसकी सूरत पर नहीं सीरत पर ध्यान दिया होता आज अपनी मुकद्दर बदल गई होती समय के साथ तुम्हारे वादे बदल गए इरादे बदल गए भरोसा नहीं होता जिसके ऊपर इतना विश्वास किया वह धोखा दे गई